मधुमेह के कारण सेक्स करने में दिक्कत होती है तो उसकी क्या दवा है?
- मधुमेह यानी शूगर से टेस्टेस्टेरोन का लेवल डाउन हो जाता है जिसकी वजह से शक्ति कम हो जाती है
- मधुमेह यानी शूगर से शरीर में कमजोरी आ जाती है जिसकी वजह से शारीरिक श्रम कम हो जाता है और यौन इच्छा में कमी होना शुरू हो जाती है जिससे धीरे धीरे सेक्स करने में दिक्कत शुरू हो जाती है
- मधुमेह यानी शूगर से शरीर का ब्लड प्रेशर भी कम या ज्यादा रहने लगता है जिसकी वजह से तनाव के लिए आवश्यक रक्तप्रवाह नहीं होता और तनाव की कमी होना शुरू हो जाती है
अगर मधुमेह यानी शूगर की वजह से सेक्स करने में दिक्कत होती है तो आप यह दवा ले सकते हैं जो मधुमेह और सेक्स कमजोरी दोनों में ही रामबाण असर करेगी :
सामग्रि :
- मकरध्वज - 20 ग्राम (मकरध्वज एक आयुर्वेद रसायन है जो स्वर्ण, गंधक और पारद को के 01:08:24 अनुपात में मिलकर शुद्ध अवस्था में प्राप्त किया जाता है )
- रस सिन्दूर - 11 ग्राम
- मल्ल सिन्दूर - 03 ग्राम
- जायफल - 06 ग्राम
- जावित्री - 07 ग्राम
- लौंग - 06 ग्राम
- कपूर - 06 ग्राम
- सफेद मिर्च - 06 ग्राम
- अभ्रक भस्म - 01 ग्राम
- लौह भस्म - 01 ग्राम
- शुद्ध कुचला - 01 ग्राम
- चित्रकमूल - 02 ग्राम
बनाने की विधि : उपरोक्त सभी सामग्रियों को खरल धातु का बर्तन न हो में दाल कर एकदम महीन कूट लें और कपडे से छान लें और 30 पान के पत्ते का रास निकाल कर इस पाउडर को मिला लें और छोटी छोटी 210 गोलियां बना कर छाया में 1–2 घंटे सुखा लें और कांच के हवारहित डिब्बे में रख लें.
सेवन की विधि :
- मात्रा : सुबह के समय 1 और रात के समय 2 गोळी
- खाने के बाद या पहले : खाना खाने के एक घंटे बाद
- लेने का तरीका : गुनगुने दूध या पानी के साथ्द
- दवा का प्रकार : गोलिया
- दवा लेने की आवृति : एक दिन में दो बार
- सेवन अवधि : 60 दिन
परहेज और सावधानियां :
- खाना खाने के एक घंटे बाद ही दवा लें
- दवा लेने के बाद एक घंटे तक पानी न ले
- यह दवा लेते समय बाकी सभी दवाइयां लेना बंद कर द
- थोड़ा एक्सरसाइज करना शुरू कर दें
- अंडा मछली और शराब का परहेज करें
दवा के बारे में ख़ास बात :
सेक्स समस्याओं के इलाज के लिए आयुर्वेद में वर्णित सभी दवाओं में सबसे उत्तम दवा यह है और इससे उत्तम कुछ भी नहीं है. इस दवा को लेने पर पहली खुराक से ही असर दिखना शुरू हो जाता है और 5–7 दिन में अच्छा ख़ासा असर दिखना शुरू हो जाता है
इसलिए आयुर्वेद में लिखा है :
एतदभ्यासतश्चैव जरामरण नाश्नामः
अनुपान विधानेन निहन्ति विविधान गदान
अर्थात – इसके सेवन से बुढापा चला जाता है और अचानक मौत (जैसे हार्ट फेल) नहीं होती. अनुपान भेद से मकरध्वज बहुत सी बीमारियों को दूर करता है.
यह दवा बनाना थोड़ा जटिल है और महंगा भी है लेकिन इसका असर देखते हुए कुछ भी नहीं है
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अगर आप अपनी जिंदगी जीने का आनंद नहीं ले पा रहे हैं तो इस बात के दो मतलब हो सकते है :
पहला तो यह है आप अपनी जिंदगी का आनंद लेने के काबिल नहीं है और दूसरा यह है शायद आपको जरुरत ही नहीं है
अगर आपको आयुर्वेदिक दवाइयों के विषय में कोई भी जानकारी चाहिए तो आप कभी भी मुझे पूछ सकते हैं
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